369 MANIFESTATION TECHNIQUE- 369 कोड क्या है ? 369 को टे स्ला कोड क्यों कहा जाता है ? क्यूँ 3,6 एवं 9 को दिव्य नंबर या ब्रह्माण्ड के सीक्रेट कोड कहा जाता है ? क्या 369 Manifestation Technique से जो चाहे वह प्राप्त कर सकते है ? दोस्तों, हम हर समय अपने लिए,अपनों के लिए या कभी-कभी दूसरों के लिए भी कुछ ना कुछ चाहते रहते हैं ,हमारी यह चाहत हमेशा पूरी नहीं होती है | ...
withrbansal 5 सेकंड का नियम: केवल 5 सेकंड जो आपकी पूरी जिंदगी बदल सकते हैं दोस्तों, क्या आपने कभी महसूस किया है कि आप कोई अच्छा काम करना चाहते हैं, लेकिन करते नहीं? सुबह जल्दी उठना चाहते हैं, लेकिन अलार्म बंद करके फिर सो जाते हैं। व्यायाम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन कल पर टाल देते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति को फोन करना चाहते हैं, लेकिन हिचकिचा जाते हैं। नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन डर आपको रोक देता है। यदि ऐसा आपके साथ होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। दुनिया के करोड़ों लोग हर दिन इसी समस्या से जूझते हैं। वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए, लेकिन वे वह करते नहीं हैं। इसी समस्या का एक सरल लेकिन शक्तिशाली समाधान प्रस्तुत किया अमेरिकी लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर "मेल रॉबिन्स" ने, जिसे आज पूरी दुनिया " 5 Second Rule " के नाम से जानती है। यह नियम इतना सरल है कि एक बच्चा भी इसे समझ सकता है, और इतना प्रभावशाली है कि यह किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकता है। 💨 5 सेकंड रूल क्या है ? 5 Second Rule का मूल सिद्धांत है यह है कि जब भी आपके मन में कोई सकारात्मक कार...
withrbansal गायत्री मंत्र -दुनिया का सबसे शक्तिशाली मंत्र या मानव चेतना की सबसे बड़ी क्रांति ? दोस्तों, आज करोड़ों लोग गायत्री मंत्र का जाप करते हैं। कोई परंपरा के कारण, कोई श्रद्धा के कारण, कोई परिवार की परंपरा निभाने के लिए और कोई पुण्य प्राप्ति की इच्छा से। लेकिन इनमें से कितने लोग वास्तव में जानते हैं कि वे क्या जप रहे हैं? क्या गायत्री मंत्र केवल कुछ संस्कृत शब्दों का समूह है ? क्या यह केवल धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा है ? क्या यह केवल सुबह-शाम बोला जाने वाला श्लोक है ? या फिर यह मानव चेतना को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाली ऐसी शक्ति है, जिसे समझ लेने के बाद जीवन को देखने का पूरा दृष्टिकोण बदल सकता है ? यदि गहराई से देखा जाए तो गायत्री मंत्र केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि मानव चेतना की सबसे बड़ी क्रांति है। यह मनुष्य को भाग्य के भरोसे बैठना नहीं सिखाता, बल्कि अपनी बुद्धि, विवेक और आंतरिक शक्ति को जगाकर स्वयं अपना भाग्य निर्माता बनने की प्रेरणा देता है। 💚 दुनिया का सबसे बड़ा अंधकार क्या है ? इस प्रश्न पर अधिकांश लोग कहेंगे - गरीबी, बीमारी, असफलता, संसाधनों की कमी। लेकिन भारतीय...
अष्टावक्र गीता की शिक्षाएं- withrbansal, दोस्तों,क्या ऐसा संभव है कि किसी को सुनते-सुनते ही आत्मज्ञान हो जाए ? जी हां, यह संभव है | आत्मज्ञान बहुत ही सरल है | घोड़े पर चढ़ने के लिए उसके पागड़े में एक पांव रखे व दूसरे पागड़े में पैर रखने में जितना समय लगता है,उससे भी कम समय में आत्म ज्ञान प्राप्त हो सकता है | शास्त्रों में लिखे गए उक्त कथन की सत्यता को सिद्ध किया है- ऋषि अष्टावक्र द्वारा | राजा जनक को "अष्टावक...
श्री निसर्गदत्त महाराज: एक महान जाग्रत जीवात्मा दोस्तों, आप में से शायद बहुत कम लोगों के द्वारा ही श्री निसर्गदत्त महाराज का नाम सुना होगा लेकिन अध्यात्म में रूचि रखने वाले लोगो के मध्य एक जाना पहचाना नाम है - श्री निसर्गदत्त महाराज | कौन है,श्री निसर्ग दत्त महाराज ? महान आध्यात्मिक उपदेशक एवं दार्शनिक श्री निसर्गदत्त महाराज उर्फ़ बीड़ी बाबा का नाम उन गिने-चुने लोगो...
withrbansal मोबाइल ने जो शांति छीनी… उसे पक्षियों की चहचहाहट वापस लौटा सकती है ! सुबह का समय…हल्की रोशनी…ठंडी हवा…और अचानक....किसी पेड़ से आती चहचहाहट.... यह सिर्फ एक ध्वनि नहीं है। यह एक संकेत है - कि जीवन अभी भी जीवित है। हम में से अधिकांश लोग इस आवाज़ को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन दोस्तों, क्या हमने कभी रुककर सोचा है कि यह साधारण सी लगने वाली ध्वनि हमारे मन, शरीर और आत्मा पर कितना गहरा असर डालती है ? अक्सर हम सोचते है कि पक्षी क्यूँ गातें है ? लेकिन सवाल यह नहीं है कि पक्षी क्यों गाते हैं… सवाल यह है कि पक्षियों का गाना सुनकर हमारा दिमाग़ स्वतः रिलैक्स क्यों हो जाता है ? पक्षियों की आवाज़ कोई बेतरतीब शोर नहीं होती। यह एक सुव्यवस्थित, लयबद्ध और सुसंगत ध्वनि होती है। जब हम इसे सुनते हैं, तो हमारा मस्तिष्क इसे “सुरक्षित वातावरण” का संकेत मानता है। कारण क्या है ? प्राचीन काल में जब इंसान जंगलों में रहता था, तब अगर पक्षी शांत है - मतलब खतरा पास है l अगर पक्षी चहचहा रहे है - अर्थात सब सुरक्षित है l इसलिए आज भी, जब हम पक्षियों की आवाज़ सुनते हैं, तो हमारा दिमाग स्वतः ही रिलैक्स हो जाता है।...
17 second manifestation technique of abraham hicks- withrbansal, दोस्तों,आपने "अब्राहम हिक्स" की "17 सेकंड तकनीक " के बारे में सुना एवं पढ़ा होगा | क्या है यह 17 second manifestation technique ? किस प्रकार से इस 17 सेकंड मेनिफेस्टेशन मेथड का उपयोग किया जाता है ? क्या वाकई में यह काम करता है ? क्या इस 17 second manifestation method की सहायत...
withrbansal गुणवत्तापूर्ण प्रश्न ही गुणवत्तापूर्ण जीवन की गारंटी है | दोस्तों,यदि "सर आईजैक न्यूटन" सेब के नीचे गिरने पर स्वयं से यह सवाल नहीं पूछते कि "सेब नीचे ही क्यों गिरा,ऊपर या बगल में क्यों नहीं गया ?"तो क्या वे गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को खोज पाते | इसी प्रकार ...
withrbansal क्या हम अपनी नियति साथ लेकर आते हैं ? दोस्तों, एक ऐसा सवाल जो हर इंसान के मन में कभी ना कभी अवश्य उठता है - "मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है ? ", " मैं ना चाहते हुए भी बार-बार वही गलती क्यों करता हूँ ? " कुछ लोग बिना प्रयास आगे बढ़ जाते हैं और कुछ पूरा जीवन संघर्ष में क्यों फँसे रहते हैं ? क्या यहाँ सब कुछ पहले से तय है ? किसी दुर्घटना के बाद, किसी असफलता के बाद, किसी बीमारी, तलाक, या अचानक मिली सफलता के बाद - यह सवाल भीतर से उभरता है - “क्या मैं अपनी नियति साथ लेकर आया हूँ ?” आधुनिक विज्ञान इसे मस्तिष्क की "बायो -केमिकल प्रक्रियाएँ " कहता है। भारतीय दर्शन इसे कर्म, संस्कार और प्रारब्ध कहता है। भाषा अलग है,दृष्टिकोण अलग है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से - निष्कर्ष एक ही है। दोस्तों, आधुनिक न्यूरोसाइंस ( मस्तिष्क की बायो केमिस्ट्री ) एवं भारतीय "कर्म सिद्धांत " देखने में भले ही अलग-अलग लगे लेकिन गहराई में जाकर दोनों एक ही सत्य की ओर इशारा करते है कि - मनुष्य अपने भविष्य का निर्माता स्वयं है | अर्थात हम जैसा सोचते, अनुभव करते और कर्...
withrbansal महामृत्युंजय मंत्र - मृत्यु के भय से अमृत चेतना तक की दिव्य यात्रा दोस्तों, भारतीय सनातन संस्कृति में मंत्रों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्षों की तपस्या और ध्यान के बाद ऐसे मंत्रों की रचना की जो केवल शब्द नहीं, बल्कि चेतना को जागृत करने वाली दिव्य ऊर्जा हैं। इन मंत्रों में कुछ मंत्र ऐसे हैं जिन्हें जीवन बदल देने वाला माना गया है। उन्हीं में से एक है — महामृत्युंजय मंत्र। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है। इसे “मृत्यु पर विजय दिलाने वाला मंत्र” कहा जाता है। यह केवल अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना नहीं है, बल्कि जीवन को समझने, भय से मुक्त होने और आत्मिक शांति प्राप्त करने का मार्ग भी है। जब मनुष्य जीवन में दुख, बीमारी, तनाव, भय, असुरक्षा, निराशा या मानसिक अशांति से गुजरता है, तब यह मंत्र उसके भीतर नई शक्ति और आशा का संचार करता है। इस मंत्र का प्रभाव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर भी महसूस किया जाता है। आज के समय में लोग बाहर से सफल दिखते हैं, लेकिन भीतर से टूटे हुए हैं। मन में चिंता है, भविष्य का डर है, रिश्त...
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