369 MANIFESTATION TECHNIQUE- 369 कोड क्या है ? 369 को टे स्ला कोड क्यों कहा जाता है ? क्यूँ 3,6 एवं 9 को दिव्य नंबर या ब्रह्माण्ड के सीक्रेट कोड कहा जाता है ? क्या 369 Manifestation Technique से जो चाहे वह प्राप्त कर सकते है ? दोस्तों, हम हर समय अपने लिए,अपनों के लिए या कभी-कभी दूसरों के लिए भी कुछ ना कुछ चाहते रहते हैं ,हमारी यह चाहत हमेशा पूरी नहीं होती है | ...
श्री निसर्गदत्त महाराज: एक महान जाग्रत जीवात्मा दोस्तों, आप में से शायद बहुत कम लोगों के द्वारा ही श्री निसर्गदत्त महाराज का नाम सुना होगा लेकिन अध्यात्म में रूचि रखने वाले लोगो के मध्य एक जाना पहचाना नाम है - श्री निसर्गदत्त महाराज | कौन है,श्री निसर्ग दत्त महाराज ? महान आध्यात्मिक उपदेशक एवं दार्शनिक श्री निसर्गदत्त महाराज उर्फ़ बीड़ी बाबा का नाम उन गिने-चुने लोगो...
withrbansal The ONE Thing -जीवन बदलने के लिए हर काम नहीं, बस एक सही काम चुनिए | दोस्तों, सुबह आंख खुलते ही हमारे पास कामों की एक लंबी सूची तैयार होती है। किसी को ऑफिस जाना है, किसी को बच्चों को स्कूल भेजना है, किसी को व्यापार संभालना है, किसी को पैसे कमाने हैं और किसी को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। कुछ लोग अपने भविष्य की चिंता में लगे रहते हैं ,कुछ बीते हुए कल की गलतियों के बारे में सोचते रहते हैं, कुछ लोग समाज में बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं, तो कुछ केवल अपने परिवार को सुखी देखना चाहते हैं। हमारी इच्छाएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन एक समस्या बहुत से लोगों में समान दिखाई देती है। हमारे पास करने के लिए बहुत सारे काम हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में सबसे जरूरी काम कौनसा है। हम दिन भर व्यस्त रहते हैं। फोन पर बातचीत करते हैं, संदेशों का जवाब देते हैं, जरूरी और गैरजरूरी बैठकों में शामिल होते हैं, सोशल मीडिया देखते हैं और एक काम पूरा होने से पहले दूसरा काम शुरू कर देते हैं। रात को जब हम बिस्तर पर जाते हैं, तो शरीर थका हुआ होता है। इसके बावजूद मन में एक सवाल उठता है कि - "आज...
withrbansal मन से आजादी कैसे प्राप्त करें - दोस्तों, आत्मज्ञान, ज्ञान-प्राप्ति, Enlightenment जैसे शब्द बड़े भारी भरकम लगते हैं या यूं कहें कि कुछ तथाकथित अध्यात्मवेत्ताओं के द्वारा जानबूझकर इन्हें इतना दुरूह बना दिया गया है ताकि एक सामान्य आदमी इसे कोई अलौकिक या दिव्य उपलब्धि माने और इसे एक ऐसा लक्ष्य माने जिसे पाना उसके लिए संभव ही ना हो | ...
17 second manifestation technique of abraham hicks- withrbansal, दोस्तों,आपने "अब्राहम हिक्स" की "17 सेकंड तकनीक " के बारे में सुना एवं पढ़ा होगा | क्या है यह 17 second manifestation technique ? किस प्रकार से इस 17 सेकंड मेनिफेस्टेशन मेथड का उपयोग किया जाता है ? क्या वाकई में यह काम करता है ? क्या इस 17 second manifestation method की सहायत...
withrbansal मृत्यु से इतना भय क्यूँ है ? दोस्तों, मौत या मृत्यु एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में कोई व्यक्ति न तो सोचना चाहता है और न हीं बात करना | यदि कभी कोई इस बारे में चर्चा छेड़ भी देता है तो सामने वाला यह कहकर चुप करा देता है- "अरे यार तुम यह मरने -मारने की बातें क्यों कर रहे हो | " इसका कारण है-मृत्यु से अत्यधिक भय | मौत हम सब को डराती है , हम इसके बारे में सोचने से बचते हैं, ब...
अष्टावक्र गीता की शिक्षाएं- withrbansal, दोस्तों,क्या ऐसा संभव है कि किसी को सुनते-सुनते ही आत्मज्ञान हो जाए ? जी हां, यह संभव है | आत्मज्ञान बहुत ही सरल है | घोड़े पर चढ़ने के लिए उसके पागड़े में एक पांव रखे व दूसरे पागड़े में पैर रखने में जितना समय लगता है,उससे भी कम समय में आत्म ज्ञान प्राप्त हो सकता है | शास्त्रों में लिखे गए उक्त कथन की सत्यता को सिद्ध किया है- ऋषि अष्टावक्र द्वारा | राजा जनक को "अष्टावक...
withrbansal क्या वाकई मे जीवन मे आने वाली समस्याएं हमें तोड़ती है ? दोस्तों, उस दिन नदी के किनारे लौटते समय हवा पहले जैसी ही थी, पानी पहले जैसा ही बह रहा था, पक्षी पहले जैसे ही गा रहे थे। बदल गया था तो केवल मेरा दृष्टिकोण। मेरे भीतर एक प्रश्न बार-बार उठ रहा था - यदि जीवन का उद्देश्य स्वयं को गढ़ना है, तो फिर जीवन में इतना संघर्ष क्यों है? यदि आपने इस श्रंखला का पहला भाग नहीं पढ़ा है तो पहले यह अवश्य पढ़े - जब सब कुछ बदल रहा हो, तब आपको क्या गढ़ना चाहिए ? क्यों कोई व्यक्ति जन्म से ही अभावों में पलता है, जबकि किसी के पास सब कुछ होता है ? क्यों किसी का हृदय प्रेम में टूटता है, किसी का शरीर बीमारी से, किसी का आत्मविश्वास असफलताओं से और किसी का मन अकेलेपन से ?यदि ईश्वर करुणामय है, यदि प्रकृति हमारी मित्र है, तो फिर जीवन हमें इतनी कठिन राहों से क्यों गुज़ारता है? यह प्रश्न केवल मेरा नहीं है, यह हर एक उस मनुष्य का प्रश्न है जिसने कभी जीवन में आँसू बहाए हैं। वर्षों तक मैंने इसका उत्तर पुस्तकों में खोजा। उपनिषदों को पढ़ा, श्रीमद्भगवद्गीत...
withrbansal पॉल कलानिधि - मृत्यु के सामने सार्थक जीवन की खोज, जीवन बदल देने वाली 10 सीख दोस्तों, अगर आपको पता चले कि समय बहुत कम बचा है तो ? कल्पना कीजिए...आपने जीवन के लिए बहुत सारे सपने देखे हैं....आपने पढ़ाई की, मेहनत की, करियर बनाया, परिवार बनाया और भविष्य के लिए योजनाएँ बनाईं। आपको लगता है कि अभी बहुत समय है...रिटायरमेंट के बाद यह करेंगे....कुछ साल बाद यात्रा करेंगे....बच्चों की जिम्मेदारियाँ पूरी होने के बाद अपने लिए जिएँगे......पैसा थोड़ा और हो जाए तो समाज के लिए कुछ करेंगे.....स्वास्थ्य ठीक रहे तो आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ेंगे। लेकिन एक दिन अचानक डॉक्टर कह दे - “आपको एक गंभीर बीमारी है और आपके पास शायद बहुत अधिक समय नहीं है।” तब क्या होगा ? क्या हमारी प्राथमिकताएँ वही रहेंगी ? क्या पैसा उतना ही महत्वपूर्ण लगेगा ? क्या पद, प्रतिष्ठा, मकान, गाड़ी और सामाजिक पहचान पहले जैसी महत्वपूर्ण रहेंगी ? नहीं ना | ऐसे में उठता है वह सबसे बड़ा प्रश्न - अगर जीवन छोटा हो जाए तो उसे सार्थक कैसे बनाएँ ? अमेरिका के युवा न्यूरोसर्जन " डॉ. पॉल कलानिधि " का जीवन इसी प्रश्न के सामने खड़ा...
withrbansal आत्महत्या क्यों ? जब जीवन असहनीय लगे तब यह लेख जरूर पढ़ें Suicide के Spiritual और Practical Aspects - शायद यह लेख किसी एक जिंदगी को बचा दे “कभी-कभी इंसान जिंदगी ख़त्म नहीं करना चाहता… वह केवल उस दर्द से मुक्त होना चाहता है जिसे वह और सहन नहीं कर पा रहा।” शायद आत्महत्या को समझने की शुरुआत यहीं से होनी चाहिए। अगर आज आपको भी लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है, तो बस एक पल रुकिए… हो सकता है आपकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय अभी लिखा ही न गया हो। याद रखिए - एक कठिन परिस्थिति पूरी जिंदगी का फैसला नहीं होती। कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। 🚨 यदि आप अभी तत्काल खतरे में हैं - दोस्त , यदि आपके मन में अभी आत्महत्या करने या स्वयं को नुकसान पहुँचाने का विचार आ रहा है, तो अभी कोई अंतिम निर्णय न लें और अकेले न रहें और - तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताइए कि - “ मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, कृपया मेरे साथ रहें।”.... ऐसी जगह या वस्तुओं से दूर हो जाइए जिनसे आप स्वयं को नुकसान पहुँचा सकते हैं। @ भारत में Tele-MANAS: 14...
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