"जो दिख रहा है वो आप नहीं हैं "- तीन शरीरों का रहस्य जो जीवन और मृत्यु दोनों को खोल देता है |
withrbansal आप शरीर नहीं हैं !स्थूल, सूक्ष्म और कारण शरीर का असली सच | दोस्तों, मानव जीवन को यदि केवल इस दिखाई देने वाले शरीर तक सीमित समझ लिया जाए, तो हम उसके वास्तविक स्वरूप से बहुत दूर रह जाते हैं। भारतीय दर्शन हमें बताता है कि मनुष्य तीन स्तरों पर अस्तित्व रखता है- स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर और कारण शरीर | 1. स्थूल शरीर - स्थूल शरीर वह है जो हमें दिखाई देता है अर्थात मांस, हड्डियाँ, रक्त, त्वचा आदि से बनी हुई हमारी यह देह | यह “भौतिक ढांचा” है, लेकिन यह स्वयं कुछ नहीं कर सकता। प्राण निकल जाने के बाद यह यही पड़ा रह जाता है, यदि इसे जलाया या गाड़ा न जाये तो यह सड़ने लगता है और नष्ट हो जाता है l यह पंच महाभूतों ( पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु आकाश ) का बना होता है जो कि जीव को किये हुए कर्मो ( प्रारब्ध ) के भोग के लिए निश्चित अवधि के लिए निवास के रूप में मिला है | हालांकि यह क्षण भंगूर एवं नश्वर है लेकिन इसका सदुपयोग किया जाये तो यह इकलौता मुक्ति का साधन भी है | तभी तो भारतीय संस्कृति में यह माना जाता है कि बड़े पुण्यो के प्रभाव से यह मानव- तन रूपी नौका प्राप्त हो...