“मैं टूट गया था… फिर जो समझ आया, उसने मेरी पूरी दुनिया बदल दी !"
withrbansal नियति के पार - मेरी अपनी कहानी दोस्तों, यह सिर्फ एक कहानी नहीं, मेरा सत्य है | मैं कोई संत नहीं हूँ, मैं कोई महान व्यक्ति भी नहीं हूँ। मैं एक बिल्कुल साधारण इंसान हूँ - आपकी तरह… उसी दुनिया में जीता हुआ, उन्हीं संघर्षों से जूझता हुआ। लेकिन आज मैं जो लिख रहा हूँ, वह केवल शब्द नहीं हैं - यह मेरी अपनी यात्रा है… मेरे टूटने, समझने और बदलने की कहानी | अगर आप इसे पढ़ रहे हैं, तो शायद कहीं न कहीं यह आपकी कहानी भी हो सकती है। 1. जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं होता - कुछ साल पहले तक मेरी जिंदगी बाहर से ठीक-ठाक लगती थी -एक नौकरी थी,परिवार था समाज में पहचान थी,लेकिन अंदर… सब बिखरा हुआ था। बार-बार असफलता मिल रही थी, आर्थिक दबाव बढ़ रहा था,घर में छोटी-छोटी बातों पर तनाव रहने लगा था l हर दिन मैं पूरी कोशिश करता…लेकिन हर बार कुछ न कुछ गलत हो जाता।धीरे-धीरे मेरे अंदर एक आवाज़ मजबूत होने लगी - “शायद मेरी किस्मत ही खराब है…”और सच कहूँ, मैंने कोशिश करना भी कम कर दिया था। 2. वह दिन जिसने सब बदल दिया - एक दिन मैं बहुत टूट चुका था। बिना सोचे-समझे मैं एक पार्...