“डिप्रेशन, तनाव और बेचैनी का फ्री इलाज आपके आसपास उड़ रहा है… लेकिन आप सुन नहीं रहे !”
withrbansal “मोबाइल ने जो शांति छीनी… उसे पक्षियों की चहचहाहट वापस लौटा सकती है !” सुबह का समय…हल्की रोशनी…ठंडी हवा…और अचानक....किसी पेड़ से आती चहचहाहट.... यह सिर्फ एक ध्वनि नहीं है। यह एक संकेत है - कि जीवन अभी भी जीवित है। हम में से अधिकांश लोग इस आवाज़ को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन दोस्तों, क्या हमने कभी रुककर सोचा है कि यह साधारण सी लगने वाली ध्वनि हमारे मन, शरीर और आत्मा पर कितना गहरा असर डालती है ? अक्सर हम सोचते है कि पक्षी क्यूँ गातें है ? लेकिन सवाल यह नहीं है कि पक्षी क्यों गाते हैं… सवाल यह है कि पक्षियों का गाना सुनकर हमारा दिमाग़ स्वतः रिलैक्स क्यों हो जाता है ? पक्षियों की आवाज़ कोई बेतरतीब शोर नहीं होती। यह एक सुव्यवस्थित, लयबद्ध और सुसंगत ध्वनि होती है। जब हम इसे सुनते हैं, तो हमारा मस्तिष्क इसे “सुरक्षित वातावरण” का संकेत मानता है। कारण क्या है ? प्राचीन काल में जब इंसान जंगलों में रहता था, तब अगर पक्षी शांत है - मतलब खतरा पास है l अगर पक्षी चहचहा रहे है - अर्थात सब सुरक्षित है l इसलिए आज भी, जब हम पक्षियों की आवाज़ सुनते हैं, तो हमारा दिमाग स्वतः ही रिलैक्स हो जाता ह...