" राम "- एक नाम जो मन को थाम लेता है |
withrbansal "राम"- चेतना,मस्तिष्क और जीवन प्रक्रिया के स्तर पर | दोस्तों, जब कोई व्यक्ति अत्यधिक दुख में होता है,डर में होता है, मृत्यु के निकट होता है या जीवन से पूरी तरह थक चुका होता है तो अनायास ही उसके मुख से निकलता है - " राम " ! क्या यह हमारी कोई सीखी या सिखाई हुई प्रतिक्रिया है ? नहीं , यह हमारे मन की सबसे गहरी स्मृति से उठी हुई आवाज होती है | अब सवाल यह है कि आखिर "राम " नाम में ऐसा क्या है जो सदियों से हर उम्र, हर वर्ग, हर परिस्थिति में मनुष्य का सहारा बना हुआ है ? क्या यह सिर्फ आस्था है या इसके पीछे कोई गहरा मनोवैज्ञानिक और न्यूरोलॉजिकल रहस्य छुपा हुआ है ? ...